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शरारती संदीप

संदीप की गिनती स्कूल के सबसे शैतान बच्चो में होती है वह कद काठी से भी ऊचा पुरा है उसकी शारीरिक बनावट देख कर कोई भी छात्र उसकी शिकायत तो दूर उसके बारे में भी कुछ नहीं बोलता, वह पढाई में भी सबसे कमजोर है, गत वर्ष संदीप कक्षा १०वी में फ़ैल हो गया था. संदीप स्कूल में हर समय कुछ ना कुछ शरारत करता रहता है, पिछले साल दीपावली के समय उसने स्कूल में बहुत सारे पठाखे जलाये, एक दिन की बात है उसने कक्षा में उपर कवेलु की छत के नीचे एक सुतली बम लगा दिया जिसके जलने से कवेलु का के टुकड़ा टूट कर एक छात्रा हेमा के पाँव में लगा जिससे हेमा के पाँव में ५ टांके भी आये, छात्रा ने संदीप की शिकायत तो प्राचार्य से नहीं करी. अगले दिन प्राचार्य महोदय ने प्रार्थना के समय इस विषय में सबसे बात करी और सबको समझाया की जिसने भी यह किया है उसका नाम उनको बता देवे ताकि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना फिर से ना हो लेकिन किसी ने भी संदीप का नाम नहीं बताया, आखिर में प्राचार्य महोदय ने यहाँ तक कहा की हम केवल उसको समझायेंगे लेकिन फिर भी किसी ने किसी का नाम नहीं लिया इस पर प्राचार्य महोदय ने हेमा को ही डाटा की तुम उधर क्यों गई थी तुम्हारी गलती से ही तुमको चोट लगी है, प्रार्थना के बाद हेमा ने संदीप के पास जाकर जरूर कहा की “भैया आपके बम जलाने से ही मेरे को चोट लगी है” जिससे संदीप को अंदर ही अंदर बहुत बुरा लगा. उस घटना में जो कवेलु टुटा था अब उस जगह से कक्षा में बरसात का पानी भी गिरने लगा तथा उस छेद में से कबूतर भी कक्षा में आकर गन्दगी करने लगे है, यह देखकर भी कक्षा के अन्य दुसरे लड़के भी संदीप से दुरी बनाने लगे है, संदीप भी यह बात समझ गया की उसकी शैतानी के कारण उसके दोस्त भी अब उससे दूर होने लगे है इस बार गाँधी जयंती पर जब प्राचार्य महोदय ने स्कूल में सफाई अभियान की बात करी तो सबसे पहले संदीप ने आगे आकर सफाई कार्य में हिस्सा लेने की बात कही, जिससे सभी शिक्षको एवं छात्रों को आश्चर्य हुआ और सोचा की जरूर इसमें भी संदीप की कोई ना कोई शरारत होगी. सफाई अभियान वाले दिन संदीप अपने घर से बड़ी निसरनी लेकर लाया और उसने कक्षा की छत पर टूटे हुवे कवेलु को सबसे पहले ठीक किया उसके बाद कक्षा के सभी साथियों के साथ मिलकर कक्षा को साफ कर स्कूल के बगीचे एवं खेल मैदान की सफाई में सभी को पूरा सहयोग दिया. अब संदीप स्कूल के सभी छात्रो का प्रिय मित्र एवं शिक्षको का प्रिय छात्र बन गया है, तथा स्कूल में किसी भी छात्र या छात्रा को कोई भी समस्या आने पर उसको हल करने में पूरा सहयोग देता है. कक्षा में उसके साथी भी अब उसको पढाई में मदद करने लगे है.