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लॉकडाउन १९ - डर के आगे ....

महामारी की वजह से कक्षा १२ वी का रसायन शास्त्र का पेपर आगे बड गया है, तो आज सर ने सोचा बच्चों से क्यों ना ज़ूम मीटिंग एप के माध्यम से बात कर ही ली जाय, बच्चों को ग्रुप में मेसेज दिया की एप को डाउनलोड कर लो शाम को मीटिंग करेंगे, सभी बच्चें खुश उन्होंने अपने अपने मोबाइल में एप डाउनलोड कर लिया तय समय पर सर ने सभी बच्चों को आय डी पासवर्ड देकर मीटिंग की शुरुआत करी सभी सर को सामने देखकर बहुत खुश थे, सर ने शुरुआत में जो पेपर हो गए उनके बारे में बात करी, तो बच्चों ने बताया बहुत अच्छे पेपर हुए है, आगे के पेपर की तैयारी कैसी चल रही है, इस पर बच्चो ने पूछा कि सर पेपर कब होंगे, होंगे की नहीं? इस पर सर ने कहा पेपर तो होंगे, जब भी टाइम टेबल आएगा, मैं ग्रुप में दे दूंगा तुम लोग इस बात की चिंता ना करे, सब बच्चे निश्चिन्त थे की सर उनको समय पर बता देंगे की परीक्षा कब है? फिर महामारी पर बातचीत शुरू हुई, इस पर सर ने बताया की इस बीमारी से डरने की कोई जरुरत नहीं बस घर पर ही रहे, और घर के बाहर ना जाये, साबुन से हाथ बार बार धोते रहे और घर पर भी एक दुसरे से पर्याप्त दुरी बनाये रखे, हो सके हो मुह पर मास्क, रुमाल या कपडा बांध के रखे, किसी से छूना नहीं है और बीमारी की चैन को आगे बड़ने से रोकना है, बस इस बात का ध्यान रखे. इस पर एक छात्रा ने पूछ ही लिया की सर ये भी क्या जिंदगी है, हमेशा डर डर के रहो, इस पर सर ने कहा किसने कहा डरने को बस सावधानी रखो, वायरस तुम्हारे पास नहीं आएगा, जब तक तुम उसको लेने बाहर नहीं जाओगे, और जब तुम उसको लेने नहीं जाओगे तो वो तुम्हारे पास कैसे आएगा. इस पर छात्रा ने बोला सर कभी वायरस के डरो कभी लडको से डरके रहो, हम लडकियों की तो पूरी जिंदगी डर में ही निकल जाएगी, इस पर सर ने कहा सावधानी से रहोगे तो जिंदगी में कोई डर नहीं, आधुनिकता को अपनाओ लेकिन उससे पर्याप्त दुरी भी बना कर रखो, आधुनिकता भी एक वायरस है उसके विचारो को अपनाओ लेकिन व्यव्हार में उससे पर्याप्त दुरी बना कर रखे जैसे सलीके के साथ कपडे पहनो, लडको से पर्याप्त दुरी बना कर सोच समझकर बातचीत करो, किसी बहकावे में ना आये, परिवार के साथ समय बिताये तो किस बात का डर. यदि तुम इस लॉक डाउन का उपयोग कुछ सीखने में, ज्ञान अर्जन में और अपने अच्छे स्वास्थ्य और फिटनेस में करोगे तो तुम, कुछ कमी रह गई थी या यह हम नहीं कर पाए, ऐसा नहीं कह पाओगे और अपने को बेहतर अनुशासन में पाओगे. इतना कहकर आज के मीटिंग समाप्त हुई.