सागर ने कक्षा १०वी जैसे तैसे पासिंग नम्बर लाकर पास करी थी, उसका लक्ष्य इंजीनियर बनना है, लेकिन कम नम्बर आने से उसको गणित विषय लेने को सब मना कर रहे है, लेकिन विज्ञानं के शिक्षक चाहते है की सागर गणित लेकर इंजीनियर बने. सागर के पिताजी की गाडियों के पंचर सुधारने की चौराहे पर छोटी सी गुमटी है, वो घर का गुजर बसर चल जाये इतना ही कमा पाते है लेकिन उसमे खुश रहते है. उन्होंने सागर को उसकी इच्छा के अनुसार गणित विषय दिला दिया और उसकी इच्छा के अनुसार सस्ता सुन्दर स्मार्ट फ़ोन भी दिला दिया क्योकि सागर के विज्ञानं वाले सर ने उसको मोबाइल का उपयोग पढाई में कैसे करना बताया है. सागर अब मोबाइल का उपयोग पढाई में कर रहा है. उसके पिताजी को मालूम है की सागर पड़ने में कमजोर है, लेकिन वो उनसे ट्युशन के लिए पैसे भी नहीं मांगेगा, इसलिए उन्होंने सागर को हर माह के १००० रूपये देना शुरू कर दिए जिससे वो जिस विषय की जरुरत लगे उसकी ट्युशन लगा ले, कक्षा ११वी का जब रिजल्ट आया तो सागर बहुत ही अच्छे अंको से उत्तीर्ण हुआ, रिजल्ट देख कर उसके पिताजी भी बहुत प्रसन्न हुए, रिजल्ट आने के बाद ही लॉक डाउन लग गया जिससे अब सब घर पर ही बंद हो गए पिताजी की गुमटी भी बंद हो गई, घर में जितने पैसे थे वो भी धीरे धीरे सब ख़त्म हो गए, अब घर पर पैसा और अनाज सब ख़त्म हो गया, इस स्थति में करे तो क्या करे, पिताजी को चिंतित देख सागर ने पिताजी से उनकी चिंता का कारण पूछ ही लिया, इस पर पिताजी ने कहा घर की स्थिति तो तू जनता ही है अब सब कुछ खत्म हो गया है, किससे पैसे उधार मांगूं कुछ समझ नहीं आ रहा, कैसे घर चलेगा, इस पर सागर बोलता है पिताजी आप रुको कुछ देर मैं कुछ करता हूँ, आप चिंता ना करे सब ठीक होगा, कितने पैसो की जरुरत है अभी, तो पिताजी बोलते है दो, ढाई हजार मिल जाये तो अच्छा होगा. सागर घर से जाता है कुछ देर बाद वापस आता है और पिताजी के हाथो में ५००० रु रखता है, और बोलता है जरुरत पड़े तो बता देना, अभी आपको किसी के पास पैसा मांगने जाने की जरुरत नहीं, पिताजी को बहुत आश्चर्य होता है की सागर इतने पैसे कहा से लाया, किस से मांग कर लाया, वो सागर से पूछते है, लेकिन सागर बोलता है यह पैसे आपके ही है मैं किसी से मांग कर नहीं लाया, इस पर उनको सागर पर और भी ज्यादा शक होने लगता है, कि कही यह कुछ गलत लाइन में तो नहीं चला गया, वो सागर से बोलते है, तुझे मेरी कसम बता यह पैसे कहा से लाया, किससे उधार मांगे या कोई गलत काम में तो तू शामिल नहीं हैं, इस पर सागर बोलता है नहीं पिताजी ऐसी कोई बात नहीं, मैंने कोई गलत काम नहीं किया है, ये तो वो पैसे है जो आप हर महीने मुझे १००० रु देते थे मेरे को उन पैसो की कोई जरुरत नहीं थी तो मैंने उनको बैंक में जमा कर देता था, साथ ही जो मेरी छात्रवृति आई वो भी बैंक में जमा हो गई, पिताजी ने कहा तो तूने इस बार ट्युशन नहीं लगाई फिर तेरे इतने अच्छे नंबर कैसे आये, इस पर सागर बोला वो मैंने बताया तो था की विज्ञानं वाले सर ने मुझे मोबाइल का पढाई में कैसे उपयोग करे बताया था बस मैंने इस बार पूरी पढाई मोबाइल से ही करी, यह सुनकर सागर के पिताजी की आँखे नम हो गई, आज घर के चिराग ने मुझे किसी के सामने हाथ नहीं फ़ैलाने दिए.