राजेश और राधा की शादी अभी ६ महीने पहले ही हुई है, राजेश का शादी के पहले कॉलेज के समय से एक लड़की के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, वही राधा का भी उसके ऑफिस में अधिकारी के साथ दोस्ती से बढकर रिश्ता था, लेकिन दोनों ने माता पिता के दबाव में आकर शादी कर ली, लेकिन शादी के पहले अपने अपने रिश्तो की बात एक दुसरे को बता दी थी, दोनों में बहुत मना किया लेकिन उनके माता पिता नहीं माने और उनको शादी करनी पड़ी, शादी के बाद राधा ने नौकरी छोड़ दी, शादी के बाद दोनों के रिश्ते एक सामान्य पति पत्नी के रिश्ते जैसे रिश्ते नहीं थे, दोनों एक दुसरे को हमेशा संदेह के नजरिये से देखते थे. राजेश की एक बड़ी किराने की दुकान थी जिसे राजेश और उसके पिताजी मिलकर चलाते है, शादी के पहले दुकान सुबह जल्दी तैयार होकर पिताजी खोलते थे राजेश खाना खाकर दुकान जाता था, उसके बाद पिताजी घर आ जाते थे फिर शाम को ही दुकान जाते थे लेकिन शादी के बाद राजेश सुबह जल्दी दुकान चला जाता था, उसके मन में एक कड़वाहट बनी हुई थी, राधा भी घर पर गुम सुम सी रहती थी, अचानक लॉक डाउन होने से शुरू में तो दुकाने खोलने की अनुमति शासन की और से दी गई थी, तो उस समय दुकान पर काम एक दम बड गया तो राजेश में राधा और माताजी से भी दुकान का काम कराने में मदद मांगी लेकिन राधा ने घर के काम का बहाना कर दुकान नहीं गई जबकि राजेश और राजेश के माता पिताजी ने दुकान का काम किया, राधा ने घर का काम किया, राधा ने कभी अकेले इतना काम किया नहीं था तो थकान के कारण हल्का सा बुखार जैसा लगने लगा और अब शासन ने अब पूरा लॉक डाउन घोषित कर दिया जिससे अब राजेश भी घर पर रहने लगा, राधा की तबियत ख़राब देख राजेश ने राधा का ख्याल रखने लगा, उसको किस बात की जरुरत है, उसके आराम का भी ध्यान रखा, ये देख कर राधा ने उसका और अपने मित्र की तुलना करी तो उसने देखा राजेश ना केवल रूप रंग में बल्कि व्यवहार में भी उसके मित्र से बेहतर पाया, उधर राजेश ने भी फ्री समय में अपनी प्रेमिका और राधा की तुलना करी तो उसने राधा को उससे बहुत बेहतर पाया, अब राजेश और राधा में बीच की दुरी खत्म हो रही थी, इतने में शासन की आड़ इवन योजना के अंतर्गत सुबह बाजार खोलने की अनुमति दी तो इस बार राधा ने बोला की मम्मीजी आप घर का काम देख लेना मैं पापाजी और इनके साथ दुकान का काम निपटा लुंगी, यह सुनकर राजेश को भी लगा की अब जो दोनों के बीच की जो लम्बी दुरी थी अब ख़त्म हो गई हैं, काश ये लॉक डाउन पहले हो जाता.