राधा सभी सहेलियों में उम्र में बड़ी है, अलका, रेखा, कांता उससे उम्र में छोटी है, कुछ दिनों से राधा परेशान दिख रही है आखिर उसकी सहेलियों ने उसकी परेशानी का कारण पूछा लेकिन राधा ने ज्यादा कुछ बताया नहीं लेकिन रेखा ने एकाएक बोला अरे राधा के चेहरे पर ये फुंसी कैसे हो गई, इसमें से तो कुछ निकल भी रहा है और इसने तो राधा का चेहरा ही बिगाड़ दिया, राधा बोली यही तो परेशानी है कुछ समझ में नहीं आ रहा क्या करू, कुछ दिनों से पेपर में विज्ञापन आता है ना वो क्रीम भी लगाई लेकिन कुछ नहीं हो रहा, इसपर अलका बोलती है चलो अपन मोबाइल पर इसका कुछ इलाज देखते है आजकल मोबाइल पर सब कुछ मिलता है, सबने बोला हां हां मोबाइल पर देखते है सबने कांता के मोबाइल पर खोजना शुरू किया बहुत देर तक देखते देखते कुछ पेज खुलते है जिनको देखते ही अलका बोल पड़ती है अरे क्या गंदे गंदे फोटो है इनको फोटो खिचाते हुए शर्म भी नहीं आती बंद करो. इतने में स्कूल की घंटी बज गई और सब अपनी अपनी जगह पर बैठ गए, मैडमजी कक्षा में प्रवेश करते ही बोलती है ये कागज किसने फाड़ कर फेका हैं चलो इसको कचरे के डब्बे में डालो, एक लड़का खड़ा होकर कागज को कचरे के डब्बे में डाल देता है, इसपर मैडमजी बोलती है की देखो साफ सुथरी कक्षा में वो कागज ऐसा लग रहा था जैसे सफ़ेद शर्ट पर स्याही का निशान, इस पर रेखा बोलती है नहीं नहीं मेडम जैसे राधा के सुन्दर चेहरे पर गोल गोल फुंसी. राधा एकदम झेप जाती है, तब मैडम बोलती है क्या हुआ ये तो इस उम्र में होता है इसमें डरने के क्या बात है, तभी एक लड़का बोलता है जरुर राधा ने किसी कुत्ते को लात मारी होगी तभी उसके चेहरे पर फुंसी हुई है, फिर दूसरा लड़का बोलता है नहीं नहीं राधा ने किसी को कुछ झूठ बोला होगा जिससे उसके चेहरे पर फुंसी हुई है, मैडम सभी की बातोँ को ध्यान से सुन रही थी तब बोली ऐसा कुछ नहीं है, ये सब गलत बाते है मुंहासे तो सामान्य रूप से लड़के लडकियों में इस उम्र में हार्मोन्स में बदलाव होने से त्वचा के तैलीय हो जाने से मुंहासे हो जाते है इसमें इतना डरने की जरूरत नहीं बस इनकी साफ सफाई रखो, और पौष्टिक आहार लेने से यह ठीक हो जाते है और यदि कुछ ज्यादा परेशानी हो तो चर्म रोग विशेषज्ञ डाक्टर से मिलकर इसका इलाज कराना चाहिए, मन से इनपर कोई भी दवाई नहीं लगाना चाहिए,और कोई कुत्ते को लात मारने या झूट बोलने से ये मुहांसे नहीं होते ये सब गलत धारणा है, इसमें डरने की कोई बात नहीं, मैडम की बात सुनकर राधा की चिंता दूर हो गई और आज स्कूल से घर ख़ुशी ख़ुशी जा रही थी.