दिनु बहुत ही होशियार छात्र है, महामारी को देखते हुए लॉक डाउन घोषित किया गया है अब सबके साथ सबसे बड़ी समस्या समय व्यतीत करने की है, दिनु भी इस विषय पर बार बार सोच रहा था की घर पर समय कैसे व्यतीत किया जाय क्या पड़ा जाय? क्या खेला जाय, क्या काम किया जाय, अभी पड़ने में भी मन नहीं लग रहा, कोई साथ खेलने वाला है नहीं, उल्टे सीधे विचार दिमाग में आ रहे है, डर अलग रहा है कि क्या किया जाय जिससे एक सकारात्मक रूप से दिन व्यतीत किया हो, तभी उसने अपने एक साथी को फ़ोन लगाया और उससे उसके और उसके परिवार के सदस्यों के हाल चाल पूछे तो उसने भी नकारात्मक बाते करना शुरू कर दिया जिससे उसका मन और उदास हो गया, अब उसने कंप्यूटर पर गेम खेलना शुरू किया की इससे उसका अच्छा समय व्यतीत हो जायेगा तभी बिजली भी चली गई, अब क्या करे सोने की कोशिश करी तो गर्मी के कारण नींद नहीं आ रही थी, व्हाट्स अप पर भी हर जगह की नकारात्मक खबरे ही आ रही थी, तभी उसने अपने मित्र एक रवि को फोन लगाया, रवि गणित में बहुत ही होशियार है, उसने एक सवाल पर रवि से बातचीत शुरू करी और पूरा सवाल हल कर लिया दोनों के बीच कोई १५ मिनिट की चर्चा हुई लेकिन जब बात समाप्त हुई तब दिनु के चेहरे पर ख़ुशी थी उसको लग रहा था की हाँ यह कोई बात हुई अब वह अपने दोस्तों को फ़ोन लगा कर महामारी की बात ना कर दूसरी कोई बात कर रहा है किसी दोस्त से खेल की बातें, किसी से फिल्म की बातें कर रहा है, इन बातोँ के बीच कुछ समय घर पर मम्मी पापा दादा दादी से भी दोस्तों से हुई बातोँ के बारे में चर्चा कर रहा है जिससे उसको समय का पता ही नहीं चल रहा है और सबसे दुरी भी बनाकर वो सबके करीब हैं ...