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लॉक डाउन ८ - क्वारेंटाइन

हमारे यहाँ भी गोकुलधाम सोसाइटी है आज सोसाइटी में सुबह से बड़ी गहमा गहमी थी क्योकि प्रशासन ने आज जारी की गई विदेश से आने वालो की सूची में जतिन भाई के पिताजी पटेल दादाजी का नाम भी शामिल था, गत वर्ष जतिन भाई की माताजी का देहांत होने से बाद जतिन भाई की बहन ने पिताजी को कुछ दिनों के लिए अपने यहाँ अमेरिका बुला लिया था जिससे उनका मन बहल जाये, गए तो तीन महीने ले लिए थे लेकिन बहन ने उनको छह महीने रोक लिया था. अभी वापस आये ही थे तो सबको वहां के किस्से सुनाते, और सोसाइटी के बच्चो को वहा से लाये टॉफ़ी भी खिलाते इसलिए वो बच्चो के बीच भी प्रसिद्ध भी बहुत है, लेकिन आज की खबर से सभी चिंतित है किन्तु क्या किया जाय, तत्काल बैठक बुलाई गई जिसमे इस विषय पर चर्चा हुई तो सभी ने कहा की पटेल दादाजी को तो क्वारेंटाइन में जाना ही होगा, इस पर जतिन भाई ने कहा की पिताजी जब से आये है अलग ही कमरे में रह रहे है और उनमे बीमारी के कोई लक्षण भी नहीं दिख रहे है, आप चाहे तो सोसाइटी में रहने वाले डॉक्टर जैन साहेब से बात कर लेते है, वैसे भी पिताजी बहुत दिनों के बाद आये है अब तो वह हम से दूर जाना ही नहीं चाहते, और अलग रहने पर तो जरुर मानसिक रूप से बीमार हो जायेंगे, तभी सोसाइटी के सचिव आत्मारामजी बोले की वो ७०१ न का फ्लैट है ना, जहा पर रमेश भाई रहते थे उनके परिवार में मनमुटाव हुआ था तो अपनी पत्नी बच्चो के साथ आकर यहाँ रहे थे अब उनके परिवार में सब मनमुटाव दूर हो गए तो वह अपने परिवार के साथ अपने माता पिता के यहाँ वापस रहने चले गए है उनको अब फ्लैट बेचना है तो कोई भी फ्लैट देखने आये तो फ्लैट के चाबी मेरे को दे रखी है मैं अभी रमेश भाई से बात कर लेता हु यदि वो हाँ करेंगे तो दादाजी को उस फ्लैट में शिफ्ट कर देंगे, तभी डॉक्टर साहेब बोले मैं और मेरी पत्नी वहा पर उनका नियमित रूप से चेकअप भी कर लेंगे ऐसे तो अभी उनमें बीमारी के कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे है, लेकिन प्रशासन के निर्देशों के अनुसार उनको क्वारेंटाइन तो करना ही होगा, आत्मारामजी ने रमेश भाई से बात करी और पूरी स्थति बताई उन्होंने तत्काल स्वीकृति दे दी, सचिव महोदय ने तत्काल पुलिस स्टेशन फ़ोन लगा कर इस विषय में बात करी, कुछ ही देर में बड़े अधिकारी सोसाइटी में आ गए, जब सोसाइटी के सभी सदस्यों ने उनको पूरी बात बताई और बताया की फ्लैट न ७०१ खाली है और फ्लैट मालिक ने भी उसमे दादाजी को रहने की स्वीकृति दे दी है और डॉक्टर जैन साहेब समय समय पर चेकअप करते रहेंगे, और यदि बीमारी के कुछ भी लक्षण दिखाई देंगे तो तत्काल प्रशासन को इसकी भी सुचना देंगे, सुनकर सभी अधिकारियो ने सहमती प्रदान करी और फ्लैट न ७०१ के बहार क्वारेंटाइन फ्लैट की पर्ची लगाकर पटेल दादाजी को वहा शिफ्ट कर दिया, सुबह शाम डॉक्टर जैन और उनकी पत्नी दादाजी का नियमित चेकअप करते और पुलिस स्टेशन पर उसकी सुचना भी देते, दादाजी बालकनी में से सभी फ्लैट वालो को देखते और उन्हें दूर न भेजने के लिए आशीर्वाद देते.