आशीष और सपना दोनों पहली कक्षा से ही एक साथ एक ही कक्षा में पढाई कर रहे है दोनों अब कक्षा १२ में है, दोनों के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन दोनों पढ़ने में बहुत होशियार है. लेकिन इस साल आशीष का पढाई में ध्यान नहीं है वो सपना की और ही देखता रहता है लेकिन सपना ने इस और कभी ध्यान नही दिया कई बार आशीष ने सपना को बोलने की कोशिश भी करी लेकिन सपना ने कुछ और बात कर आशीष को बोलने नहीं दिया. आशीष सपना की और आकर्षित होते जा रहा था वह हर समय सपना के बारे में ही सोचने लगा था और उसके साथ ही भविष्य के सपने देखने लगा था. एक दिन स्कूल में राज्य स्तरीय विज्ञान मेले का नोटिस आता है आशीष उसपर ध्यान नहीं देता लेकिन सपना उससे बोलती है की क्यों ना हम दोनों एक माडल बनाये, आशीष तुरंत मान लेता है और अगले दिन एक अच्छा सा आईडिया सोचता है और सपना को उसके बारे में बताता है, आईडिया सपना को भी बहुत पसंद आता है और दोनों उसपर माडल बनाना शुरू कर देते है, उनका माडल स्कूल में सबको बहुत पसंद आता है वो पहले विकास खण्ड पर फिर जिला स्तर पर विजेता होते है, राज्य स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उनको साथ में ३ दिन के लिए बाहर जाना होता है, दोनों ३ दिन साथ साथ रहते है इसी बीच आशीष अपने दिल की बात सपना को बता देता है, सपना कोई जवाब नहीं देती लेकिन उसको भी अब आशीष का साथ अच्छा लगने लगता है वो भी अब अपना अधिकांश समय आशीष के साथ बिताना पसंद करने लगी है, अब दोनों को साथ साथ देखा जा सकता था, किसी को सपना से कुछ काम हो तो वो आशीष से सपना के बारे में पूछ सकता था, अब तो दोनों स्कूल के बाद भी पढाई के बहाने साथ साथ समय बिताने लगे थे. वैलेंटाइन डे आने वाला था आशीष ने सपना के लिए एक अच्छा सा उपहार ख़रीदा और सपना ने भी आशीष के लिए उपहार में देने के लिए एक पेन लिया, वैलेंटाइन डे पर मौका देख कर आशीष ने सपना को और सपना ने आशीष को उपहार भेंट किये और आशीष ने सपना के सामने शादी के लिए प्रस्ताव रख दिया, शादी का प्रस्ताव सुन सपना को बहुत आश्चर्य हुआ पहले तो बहुत खुश हुई लेकिन फिर वह आशीष से बोली की तुम बहुत अच्छे हो, मुझे भी तुम पसंद हो लेकिन मम्मी पापा मुझ पर बहुत विश्वास करते है और वह कहते है की हमको सपना पर गर्व है वो कभी किसी को भी धोखा नहीं दे सकती और मैं उनका यह विश्वास तोड़ नहीं सकती, और अभी हमारी शादी की उम्र नहीं है, इसपर आशीष ने सपना से बोला अब मै तुम्हारे बिना नहीं रह सकता, अब मेरा ध्यान कही नहीं लगता यदि तुमने मना किया तो मै कुछ भी कर जाऊंगा, चलो कही चल कर शादी कर लेते है मैंने सब तैयारी भी कर रखी है किसी को कुछ पता नहीं चलेगा, इसपर सपना आशीष से कहती है मेरा आशीष इतना कमजोर नहीं हो सकता जो जरा सी बात पर कुछ भी कर लेगा, चलो अपन शादी तो कर लेते है लेकिन अपना जीवन चलाएंगे कैसे? अभी अपन ११वी पास है कौन अपने को नोकरी देगा और कितना कमा लेंगे कैसे अपना घर परिवार चलेगा, किस किस के सामने परिवार चलाने के लिए हाथ फैलायेंगे, अभी सबसे पहले अपने को अपना भविष्य बनाना है उसके बाद हम शादी करेंगे, सपना की बात सुनकर आशीष को हकीकत का अहसास हुआ, उसको लगा की सपना बिलकुल सही कह रही है, उसने सपना से वादा किया की अब परीक्षा में ज्यादा दिन नहीं बचे है अब वो पढाई में अपना ध्यान लगाएगा और अच्छे नंबर से पास होकर एक अच्छे कॉलेज में प्रवेश लेकर पहले अपना भविष्य बनाएगा फिर शादी के बारे में सोचेगा, सपना ने भी यही वादा आशीष से करा, अब दोनों परीक्षा की तैयारी में लग गए हैं.