शालू बहुत ही होशियार लड़की है, वह अभी कक्षा १०वी मै है उसकी कराटे में रूचि होने से उसने कराटे में ब्लैक बेल्ट भी प्राप्त कर लिया है, लेकिन बहुत समझदारी की बातें करती है और साथ ही साथ गलत काम होता देख वह उसका जमकर विरोध भी करती है, इस बार नए साल पर उसने पिकनिक पर चलने के लिए पापा मम्मी से बहुत जिद करती है बहुत मनाने के बाद पापा मम्मी तैयार हो गए की १ जनवरी की शाम को घर के सभी लोग तालाब के साथ बने बगीचे पर पिकनिक के लिए जायेंगे और घर से खाना बनाकर लेकर जायेंगे वही पर नए साल की टिफिन पार्टी करेंगे. पापा ने ऑफिस से आधे दिन की छुट्टी भी ले ली, शालू स्कूल से घर आकर मम्मी के साथ खाना बनाने में मदद करती है और समय पर खाना तैयार कर पिकनिक पर जाने ले लिए पापा का इन्तजार करने लगती है, पापा के आते ही सब तैयार होकर बगीचे पहुँच जाते है, साल का पहला दिन होने से बगीचे में बहुत भीड़ भी हैं वहां पापा के पहचान वाले कुछ लोग भी मिलते है सब नए एक दुसरे को नये साल की बधाई भी दे रहे थे. बगीचे पर जाने के बाद सब का प्रोग्राम तालाब की पाल पर पैदल घुमने का होता है पाल पर बहुत लोग घूम रहे थे, शाम होने आई थी सूरज धीरे धीरे ढल रहा था शालू और परिवार के सभी लोगो ने तालाब के पास बनी एक कुटिया में बैठ कर खाना खाया, अँधेरा होने पर घर जाने की लिए सब सामान लेकर निकल पड़ते है, पाल पर चलते चलते उन्हें कुछ मनचलों की आवाज़ आती है, वो एक लड़की को परेशान कर रहे थे लड़की अकेली थी, वह बहुत डरी हुई लग रही थी, वो लड़के उसको परेशान कर रहे थे लेकिन वहा उपस्थित कोई भी व्यक्ति उस लड़की का साथ नहीं दे रहे थे एक बुजुर्ग ने उन लडको को कुछ बोला तो लडको ने बुजुर्ग को अपशब्द कहे और कहा की जिंदगी बची ही कितनी है, जी लो नहीं तो आज ही काम तमाम कर देंगे, इसके बाद तो दुसरे लोग भी डर गए उनको कोई कुछ नहीं बोल रहा था और वो मनचले लड़के उस लड़की को अनाप शनाप बोले जा रहे थे, तभी उनमे से एक लड़के ने उस लड़की के दुप्पटे को खीच लिया ये देख शालू को बहुत गुस्सा आया उसने उस लड़के से दुपट्टा छीन कर उस लड़की को लोटाया और लड़के को समझाया की ये एक पब्लिक जगह है यहाँ पर ये सब करना अच्छी बात नहीं इस पर उस लड़के ने शालू का हाथ पकड़ लिया, अब तो वहा पर भीड़ जमा होने लगी लेकिन उन लडको का विरोध कर सकने की हिम्मत किसी की नहीं हो रही थी, शालू के पापा ने शालू को बोला क्यों लफड़े में पड़ रही हो चलो यहाँ से जो हो रहा है होने दो, अपने को किसी के बीच में नहीं बोलना है लेकिन शालू ने बोला ऐसा नहीं होगा, शालू के पापा ने भी उन लडको को समझाने की कोशिश करी तो उन्होंने उनको धक्का दे दिया, अब लडको ने उस लड़की और शालू को पकड़ लिया, शालू के पापा ने सम्हल कर 100 नम्बर पर फ़ोन कर दिया, शालू ने अपनी कराटे वाली बताई और उन लडको की पिटाई करना शुरू कर दिया यह देख भीड़ में खड़े लोगो मे भी हिम्मत आ गई उन्होंने उन लडको को पकड़ लिए और पीटने लगे इतने में पुलिस भी आ गई और पुलिस ने उन लडको को अपनी गाड़ी में बैठा लिया, पुलिस वाले ने शालू के पापा से कहा बहुत दिनों से इन लडको की हरकते सुनने में तो आ रही थी लेकिन किसी ने इनके खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत नहीं करी इसलिए इनके विरुद्ध आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई इसलिए इनकी हिम्मत इतनी बड गई अब ये हवालात की हवा खायेंगे तो इनको पता चलेगा, पुलिस सब लडको को लेकर चली गई, वहा खड़े सभी लोगो ने शालू की बहुत बहुत तारीफ करी की आज शालू के कारण एक लड़की बच गई और गुंडे भी पकडे गए, उस लड़की ने भी शालू को धन्यवाद् कहा और बोला की आज तुम्हारे कारण मै सुरक्षित बची, शालू के पापा बहुत नाराज़ हो रहे थे की फालतू में लफड़ा ले लिया इस पर शालू ने अपने पापा से बोला यदि उस लड़की की जगह मैं होती तो भी क्या आप ऐसा ही करते ?