महामारी के चलते आज लॉक डाउन का छटवां दिन था, शहर में बिगड़ते हालात पर प्रशासन ने सभी प्रकार की ढील देना बंद कर दी है,यहाँ तक की आज अत्यावश्यक सेवाओं को भी बंद कर दिया गया था. दूध, दवाईयों सब कुछ बंद, ऐसे में सभी को बहुत तकलीफ हो रही थी, कुछ दूधवाले अपनी बंदी बाँटने को आये तो उनसे दूध मांगने वालो की भीड़ लग गई, लेकिन उन्होंने दूध देने से मना कर दिया, भानु के घर पर भी बुजुर्ग और बच्चें है जिनके लिए दूध बहुत जरुरी है लेकिन गत ५ दिनों से दूध आसानी से मिल रहा था तो उसने संग्रह करना उचित नहीं समझा, भानु रोज़ घर के आस पास जो भी मिलता उनसे राम राम जरुर करता है, चाहे वो बड़ा आदमी हो या गरीब, आज सुबह भी वह दूध के व्यवस्था देखने को घर से बाहर निकला तो सब कुछ सुन सान था कही कोई नजर नहीं आ रहा था वो सबसे पहले डेयरी पर गया वो देर से खुलती हैं लेकिन आज जल्दी गया और देखा की बंद थी लेकिन जो दूध उसके यहाँ आता था वो भी नहीं आया, फिर २ ४ लोग गाडियों से डब्बा लिए दूध के तलाश में निकले भानु ने उनसे राम राम करी और पूछा कही मिल रहा है क्या उन्होंने भी मना कर दिया की कही भी व्यवस्था नहीं है, वह वापस आ रहा था की सामने मल्टी के चौकीदार से राम राम हो गई, उसने बोला बाउजी आज तो लगता है सब कुछ बंद है इस पर भानु ने भी बोला हां भाई आज तो सब कुछ बंद दिख रहा है क्या करे कल तक तो दूध मिल रहा था पर आज तो वो भी नहीं मिल रहा है घर पर बच्चे बुजुर्ग है क्या करे, इस पर उसने भानु से बोला की आप तो एक काम करो एक डब्बा घर से लाकर मेरे को दे दो यहाँ बंदी देने के लिए दूधवाले आ रहे है यदि हुआ तो मैं उनसे जितना हो सकेगा आपके लिए ले लूँगा, भानु को कुछ रास्ता दिखा वो तुरंत घर गया और डब्बा लेकर चौकीदार के पास गया, तभी एक दूधवाला आया भानु ने उससे पूछा भैया दूध है उसने मना कर दिया और बोला भैया बंदिवालो को देने इतना भी नहीं मिल रहा है क्या करू? इसपर चौकीदार ने उससे बोला भिया इनको भी थोडा सा दे दो अपने ही है, इस पर दूध वाले ने बोला आप बोलते हो तो आधा लीटर दे सकता हूँ इसपर भानु ने बोला भिया जितना दे सकते हो दे दो घर पर बुजुर्ग बच्चे है इस पर दूध वाले ने एक लीटर दूध दे दिया, भानु ने दूध वाले से पैसे का पूछा कितने दू आपने इतनी मदद करी वही बहुत है इसपर चौकीदार ने बोला की अपने वाले है तो दूधवाले ने बोला आप तो बंदी के ही पैसे दे दो बस आपसे क्या कमाना, भानु दूधवाले को और चौकीदार को धन्यवाद् देकर वापस आ रहा होता है तो चौकीदार आवाज देकर बोलता है भिया आप तो शाम को ही डब्बा मेरे को दे जाना, मैं आपकी व्यवस्था तो करवा ही दूंगा, भानु को आज राम राम का महत्व मालूम हो रहा था की सम्बन्ध कब कहा काम आते है मालूम ही नहीं पड़ते, कई जगह पैसा नहीं सम्बन्ध ही काम आते है.