अमन बहुत होशियार है वह पढाई के साथ साथ विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा भी देता रहता है जिससे उसे पढाई पूरी करने के बाद जल्द कोई अच्छी नौकरी मिल सके. अभी उसने एक विज्ञापन देखा तो उस परीक्षा का परीक्षा केंद्र उसके जिले में ना होकर दूर शहर में था उसने पहले अपना रेल का रिजर्वेशन कराया फिर परीक्षा का आवेदन किया रिजर्वेशन होने से वो निश्चिंत होकर परीक्षा की तैयारी में लग गया. परीक्षा के एक दिन पहले तय समय पर स्टेशन पहुँच कर रेल का इन्तजार कर रहा था रेल कुछ देरी से चल रही थी, रेल आने पर वह जल्दी से अपनी सीट पर जाता है तो देखता है की उसकी सीट पर वृद्ध व्यक्ति बैठे थे. अमन ने उनसे कहा दादा ये सीट मेरी है तो उन्होंने कहा हाँ हो सकती है मेरी सीट तो बाजु वाली है वो अभी खाली थी तो मै खिड़की के पास आ गया आओ बैठ जाओ, अमन ने कहा कोई बात नहीं आप वही बैठे रहिये मै आपकी सीट पर बैठ जाता हूँ, वृद्ध व्यक्ति बहुत खुश होते है, अमन अपनी किताब निकाल कर परीक्षा की तैयारी करने लगता है वृद्ध व्यक्ति समझ जाता है की अमन कोई परीक्षा देने जा रहा हैं, ट्रेन चल देती है कुछ समय बाद दोनों में कुछ बातचीत शुरू होती है तो अमन बताता है की मैं परीक्षा देने इंदौर जा रहा हूँ, वृद्ध व्यक्ति भी बोलता है की मैं भी इंदौर ही जा रहा हूँ, अमन पूछता है इस उम्र में आप अकेले क्यों जा रहे है? इस पर वह बोलते है की जाना तो मेरे पुत्र को था लेकिन उसके ऑफिस में कुछ जरुरी काम आ जाने से उसको अपने रिजर्वेशन केंसल कराने पड़े और मुझे तत्काल में जाना पड़ रहा है इंदौर में मेरी पुत्री स्टेशन पर मुझे लेने आ जाएगी, फिर दोनों में बातचीत चलती रही, रात होने पर दोनों ने साथ में खाना खाया, कुछ देर बाद वृद्ध व्यक्ति ने अमन से बोला की मुझे ऊपर चड़ने में मदद करो मैं अपनी सीट पर जाकर सो जाता हूँ, इसपर अमन ने बोला आप मेरी सीट पर सो जाइये मैं आपकी सीट पर चला जाऊंगा मेरे को कोई तकलीफ नहीं, वृद्ध व्यक्ति नीचे की सीट पर ही सो जाते है, ट्रेन इंदौर कोई २ घंटे देरी से पहुँचती है, अमन चिंता में आ जाता है क्योकि उसका परीक्षा केंद्र स्टेशन से दूर था और इतना समय नहीं बचा था की वह समय पर आराम से परीक्षा केंद्र पर पहुच सके, वृद्ध व्यक्ति की पुत्री उनको लेने आई थी, वृद्ध व्यक्ति ने अपनी पुत्री से अमन की बहुत तारीफ करी, लेकिन अमन चिंता में होने से सही रूप से बात नहीं कर पा रहा था इसपर वृद्ध व्यक्ति अमन की परेशानी को पहचान गया, उसने अमन से बोला चलो हम तुमको तुम्हारे परीक्षा केंद्र पर पंहुचा देते है इस पर अमन ने कहा आपका घर तो मेरे परीक्षा केंद्र से विपरीत दिशा में है,तो इसपर वृद्ध व्यक्ति की पुत्री ने कहा तो क्या हुआ हम उधर से घूम कर निकल जायेंगे, अमन बहुत खुश हुआ और वह उनके साथ बैठ कर परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुँच जाता है, वह वृद्ध व्यक्ति से परीक्षा में सफल होने का आशीर्वाद लेकर परीक्षा देने को ख़ुशी ख़ुशी जाता है.