ऐना अपने को बहुत होशियार और मॉडर्न समझती थी, वो घर के खाने की जगह हमेशा फ़ास्ट फ़ूड कोल्ड ड्रिंक्स का ही प्रयोग करती थी, वह सारा दिन घर पर ही बैठी रहती, दिन भर मोबाइल पर खेलती रहती, बाहर जाती नहीं, उसको घर पर बैठे बैठे समोसे, चिप्स, कचोरी,पिज़ा, बर्गर खाने को चाहिए, मम्मी घर पर उसकी पसंद का कुछ बनाती तो बोलती ये क्या इसमें वो बाजार वाला टेस्ट कहा, बाजार का टेस्ट बाजार का टेस्ट होता है, आप क्या जानो? जिससे ऐना का वजन भी लगभग ७५ किलो हो गया है, लेकिन जब भी उसको कुछ समझाते तो वह बात को अनसुना कर देती, कभी भी घर से बहार जाकर घुमने का बोलते तो गाड़ी से ही जाती कभी पैदल नहीं चलती, ना है कोई खेल में हिस्सा लेती, बस खाने में फ़ास्ट फ़ूड, पीने में कोल्ड ड्रिंक्स और हाथ में २४ घंटे मोबाइल ही उसकी जीवन शैली बन गई थी. उसकी इस आदत से घर में सभी परेशान थे मम्मी, पापा और शिक्षको ने कई बार ऐना को समझाने की बहुत कोशिश करी लेकिन सब हार चुके थे, इसलिए वह अब स्कूल भी जाना पसंद नहीं करती. महामारी के कारण लॉक डाउन से सब कुछ मिलना बंद हो गया ऐसे में ऐना को बहुत परेशान हो रही है, कोल्ड ड्रिंक जो घर पर था वो अब ख़त्म हो गया है, वो ऑनलाइन खाने का आर्डर करना भी चाहती है लेकिन आर्डर हो नहीं रहा, ऐसे में उसको अब घर पर बना भोजन ही करना पड़ रहा है. शुरू में तो उसको घर के खाने में कोई टेस्ट नहीं आ रहा था, वो चिड चिड कर रही थी, लेकिन अब उसको घर पर बने खाने में स्वाद आने लगा है. आज उसके पापा ने उससे पूछ ही लिया क्या लाऊ तेरे लिए? तो ऐना बोली कहाँ से और कैसे लेकर आओगे? इस पर पापा ने बोला बाजार जाकर, इस पर एनी बोली वो पुलिस वाले अंकल डंडे मारेंगे, इस पर पापा ने कहा तेरे लिए डंडे भी खा लूँगा, तब ऐना बोली कोई जरुरत नहीं, आप तो आ जाओ साथ में भोजन करते है, मम्मी से देखा नहीं जा रहा था, तो आज मम्मी ने खाने में कचोरी बना ही ली जैसे ही ऐना ने कचोरी देखी पहले तो बहुत खुश हुई, लेकिन फिर पापा से बोली आपको मना किया था ना बाहर जाने के लिए फिर भी आप बाहर जाकर कचोरी ले ही आये, इस पर पापा बोले मैं नहीं लाया, ये तो तेरी मम्मी ने घर पर ही तेरे लिए बनाई है, तुझे नहीं खाना तो मत खा, खुशबु तो गजब की आ रही है तेरी भी मैं ही चट कर जाऊंगा, इस पर मम्मी ने कहा जाओ जी ये कचोरी तो मैंने अपनी ऐना के लिए बनाई है, बचेगी तो ही आपको मिलेगी, ऐना पहले तो मना करती है फिर जैसे ही कचोरी खाती है तो उसको विश्वास ही नहीं होता की ये कचोरी उसकी मम्मी ने बनाई है, वो झट मम्मी के गले लिपट जाती है और बोलती है मम्मी क्यों ना हम भी कचोरी का एक ठेला लगा ले, पुरे शहर में ऐसी कचोरी बनाने वाला कोई नहीं है, ये सुनकर मम्मी बहुत खुश हुई. तब ऐना ने कहा अब जब भी मेरे को कुछ भी खाने की इच्छा होगी, तो मम्मी से ही बनवा लुंगी, मेरी मम्मी सबसे बढ़िया कुक है, अब आज से बाहर का खाना बंद. सभी हँसते खिलखिलाते मिलकर एक साथ खाना खाते है.