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ना कहना भी जरुरी है

अजय ने अपना इंजीनियरिंग पूरा करने के बाद १ साल पहले ही कंपनी में नई शुरुआत करी है लेकिन अपनी मेहनत और लगन से उसने अपने अधिकारियो का ही नहीं वरिष्ठ कार्यालय के अधिकारियो के दिल में भी अपनी जगह बना ली है, कोई भी कार्य जो समय पर नहीं हो रहा हो अजय को दिया जाता था अजय उसको समय पर सही सही और पूरा करता था, एक दिन वरिष्ठ कार्यालय से एक बहुत दिनों से उलझा हुआ कार्य करने के लिए अजय को दिया गया और कहा गया की यह कार्य बहुत आवश्यक है लेकिन पूरा हो नहीं पा रहा है ३ दिन में पूरा कर वरिष्ठ कार्यालय को वापस देना है, अभी अभी अजय के पुराने अधिकारी के नोकरी छोड़ने से ऑफिस में नए अधिकारी आये है ऑफिस के अन्य कर्मचारियों ने उन्हें अजय के बारे में कुछ गलत जानकारी दी है, जिससे उनका व्यव्हार अजय से अच्छा नहीं रहता है, आज उन्होंने भी अजय को ऑफिस का कुछ काम करने को दिया तो अजय ने कहा की वो अभी वरिष्ठ कार्यालय से जो कार्य मिला है पहले उसको पूरा करेगा फिर समय बचेगा तो इस कार्य को करेगा नहीं तो कार्यालय में और भी साथी है इस कार्य को कोई भी पूरा कर सकता है ये बात सुनकर नए अधिकारी को बुरा लगता है लेकिन वरिष्ठ कार्यालय के काम होने से कुछ नहीं बोले, लेकिन कार्यालय के अन्य कर्मचारी अधिकारी को अजय के खिलाफ बोल कर उनके मन में अजय के प्रति अपना अविश्वास व्यक्त कर देते है, अधिकारी वह कार्य अन्य को दे देते है और कहते है की जल्द पूरा करके अजय को बताना है की यदि वो कार्य नहीं करेगा तो क्या ऑफिस का काम समय पर नहीं होगा क्या? अजय वरिष्ठ कार्यालय के काम को पूरा करने में लग जाता है वह लंच के समय में भी कार्य को करने में लगा रहता है जबकि अन्य अभी कर्मचारी लंच में अपना कम बंद कर ऑफिस के बहार लंच करने चले जाते है, थोड़ी देर के बाद अजय अपना कार्य पूर्ण कर वरिष्ठ कार्यालय को रिपोर्ट भेज देता है, जिसे समय से पहले पूरा देख वरिष्ठ कार्यालय के अधिकारी उसको बधाई देते है और ऑफिस के अधिकारी को भी समय के पहले कार्य पूर्ण होने पर बधाई देते है. नया अधिकारी अजय को बधाई देने उसके पास जाता है तो अजय टेबल पर ही लंच कर रहा होता है, वो अजय को बधाई देते है तो अजय उनको साथ में भोजन करने को कहता है जिसे अधिकारी स्वीकार कर उसके साथ लंच करते है, लंच ख़त्म होने के बाद अजय उनसे सुबह के कार्य के बारे में पूछता है तो वो कहते है अभी नहीं हुआ, अजय बोलता है की अब आप वह काम मुझे दीजिये में शाम तक पूरा करने की कोशिश करूँगा, अधिकारी ने नहीं चाह कर भी कार्य अजय को दे दिया, ऑफिस का समय ख़त्म होने पर सभी कर्मचारी घर चले गए लेकिन अजय ऑफिस में ही बैठ कर काम कर रहा था यह देख कर अधिकारी ने कहा ऑफिस का समय ख़त्म हो गया है तुम अभी भी बैठे हो, चलो ये काम तुम कल कर लेना, इसपर अजय ने कहा की काम तो मै कल भी कर सकता हूँ लेकिन जो काम अभी समझ में आया है उसको समझने में मुझे कल फिर समय लगेगा और एक बार काम समझ में आ जाये तो पूर्ण होने में ज्यादा समय नहीं लगता, इस काम को मै अभी ख़त्म कर के ही घर जाऊँगा, अधिकारी अजय की बात सुनकर समझ गए की क्यों वरिष्ठ कार्यालय के सभी अधिकारी अजय को पसंद करते है, उन्होंने अजय से पूछ लिया की तुमको मालूम था की यह कार्य तुम आज ही कर सकते थे तो सुबह तुमने इस कार्य के लिए मुझे मना क्यों किया, मुझे बहुत बुरा लगा था. तो अजय ने कहा सर मै काम तो कर सकता था लेकिन मुझे नहीं मालूम था की वरिष्ठ कार्यालय वाला कार्य इतनी जल्दी पूरा हो जायेगा, यदि में इस कार्य को भी ले लेता और वो कार्य नहीं हो पाता तो मै इसको भी नहीं कर पाता जिससे आपको वरिष्ठ कार्यालय से अपमानित होना पड़ सकता था, और कोई मेरे कारण अपमानित हो ये मुझे पसंद नहीं, इसलिए मैंने मना किया था जिससे आप वह कार्य समय पर किसी और से पूरा करा सके. बातचीत में समय बहुत हो गया था तो अधिकारी ने अजय से बोला आज तुम मेरे साथ मेरे घर पर खाना खाओगे और बाद में मै खुद तुमको तुम्हारे घर छोड़ने चलूँगा. अजय चाह कर भी मना नहीं कर पाया.