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अच्छा समय

अंजू और रानी दोस्त है वो एक ही स्कूल में पढ़ती है साथ में स्कूल आती जाती है, आज अंजू का मूड बहुत ख़राब है रानी के पूछने के बाद भी कुछ नहीं बता रही हैं फिर भी दोनों साथ साथ स्कूल की और चल दिए रास्ते में रानी ने ये पता लगा ही लिया की कल रात को जब अंजू मोबाइल पर अपना मनपसन्द गेम खेल रही थी तो अंकल ने उसको बहुत डाटा और मोबाइल भी लेकर बंद कर दिया, लेकिन मोबाइल वापस दे दिया, इसलिए आज अंजू बहुत गुस्से में है, रानी ने कुछ नहीं कहा और साथ साथ स्कूल पहुँच गए, रानी देख रही थी की आज अंजू का पढाई में बिलकुल भी मन नहीं लग रहा था और वो बहुत गुमसुम सी रह रही थी, स्कूल की छुट्टी होने पर रानी से अंजू से बोला चलो छुट्टी हो गई अब घर चले इस पर अंजू ने कहा कौन सा घर कैसा घर, मेरी तो अब उस घर में जाने की इच्छा ही नहीं हो रही मन करता है कि अब कही और चली जाऊ या कुछ कर लू, सुन कर रानी एक दम सदमे में आ गई और फिर पूछा की ऐसा क्या हुआ है कि तुम इतना बड़ा कदम उठाने की बात कर रही हो, इस पर अंजू ने कहा जिस घर में अपना मनचाहा काम नहीं कर सकते और बात बात में सुनाना पड़े वो भी बिना कोई गलत के फिर भी ऐसे घर क्या जाना, तुम्हारे यहाँ कभी भी तुमको इस प्रकार से बोला नहीं जाता, तुमको भी तो अपनी मर्जी का काम करने की छुट मिलती है लेकिन मेरे को ही हर समय रोका टोकी क्यों? मै तो परेशान हो गई हूँ ऐसी जिंदगी से जिसमे मै अपनी मनमर्जी का कुछ कर भी नहीं सकती हर बात में रोक टोक, हर बात पूछ कर करो मै तो अब चाहती हूँ कि घर से भाग जाऊ या फिर मर जाऊ. रानी बोलती है धीरज रखो ये सब बुरा समय निकल जायेगा. अंजू – जैसे अच्छा समय आ ही जायेगा क्या पढाई करने से ही अच्छा समय आता है, रानी नहीं तो, अंजू अच्छा तुम ही बताओ तुम्हारा अच्छा समय कब और कैसे आया, रानी मेरा तो अच्छा समय रोज़ ही आता है, अंजू कब?, रानी रात को जब मम्मी खाना बनाती है तब, रोज़ मै भी मम्मी के साथ खाना बनाती हूँ उस समय मम्मी से ढेर सारी बातें होती है जिससे मै मम्मी से अच्छी अच्छी बातें सीखती हूँ और मम्मी को मेरी सारी बातें पता रहती है, जिससे मेरे को कभी कुछ बोलना ही नहीं पड़ता, ना ही कुछ मांगना पड़ता है मम्मी सब जानती है कि मेरे लिए क्या अच्छा है क्या बुरा, यदि उनको मेरी कोई बात बुरी लगती है तो वो मेरे को उसी समय बता देती है फिर हमारी उस समय बात भी हो जाती है, यदि मेरे को कुछ समझाना होता है तो वो मै उसी समय समझा देती हूँ फिर मम्मी पापा से बात कर लेती है, इसलिए मै तो रोज़ शाम के समय का इन्तजार ही करती हूँ मेरे लिए वो ही सबसे अच्छा समय हैं, तुम भी कोशिश करो हो सकता है तुम्हारी भी सभी समस्याओ का हल निकल जाय और तुमको भी कभी कुछ सुनना ना पड़े और ना ही तुमको भी कुछ बोलना पड़े, रानी देख रही थी की अंजू उसकी बातोँ को बड़ी ध्यान से सुन रही हैं और वह अपने मोबाइल से गेम को डिलीट कर रही हैं, तब रानी ने अंजू से कहा की देखो स्कूल से सभी बच्चे चले गए है अपन भी घर चले. तो अंजू ने कहा हाँ वाकई बहुत देर हो गई अब जल्दी घर चलो. दोनों साथ साथ हँसते हँसाते हुए घर की और निकल जाते है.