जूही और मालती दोनों पक्की सहेलियां है दोनों हमेशा साथ साथ रहती, पढ़ती है, जूही को खाना बनाने का शौक है, और वह खाना भी अच्छा बना लेती है, सब उसके बनाये खाने की बहुत तारीफ करते है, और मालती को महेंदी बनाने का शौक है वह भी बहुत अच्छी महेंदी बनाती है, उसको महेंदी प्रतियोगिता में जिला स्तर पर भी बहुत सारे पुरुस्कार मिले है. दोनों के घर भी लगभग पास पास है, बस २ गली का अंतर है दोनों के घरो में, कल मालती के पापा का जन्मदिन था, लॉक डाउन के चलते कही जा तो सकते नहीं थे, ना ही कुछ बाहर से मंगवा सकते थे, तो इस मोके पर जूही ने मालती से बोला अंकल के जन्मदिन पर मैं खाना बनाउंगी तो मम्मी को बुरा तो नहीं लगेगा, इस पर मालती ने बोला इसमें बुरा मानने वाली क्या बात, चल अपन दोनों मिलकर कल खाना बनायेंगे, मैं भी कुछ सीख लुंगी, फिर क्या था दोनों ने मालती की मम्मी को किचन से बाहर कर दिया और दोनों खाना बनाने में लग गई, शाम को दोनों में मिलकर बहुत ही शानदार खाना बनाया, मालती के परिवार के सभी सदस्यों को खाना बहुत ही पसंद आया और बोले लॉक डाउन में घर पर ही शानदार पार्टी जूही के कारण हो पाई. २ दिन बाद जूही का जन्मदिन है, उसको हाथ पर महेंदी बनवाने का बहुत शौक है, तो मालती ने बोला इस बार तेरे जन्मदिन पर मैं तेरे दोनों हाथों पर अच्छी महेंदी बनाउंगी इसलिए मैंने घर पर ही महेंदी गलाकर रख दी है, आज शाम को ६ बजे में घर आकर महेंदी बना दूंगी, जूही बहुत खुश हुई, वो ५ बजे से ही मालती का इन्तजार करने लगी और दरवाजे पर मालती के लिए नजरे टिकाये रहती, ७ बज गए लेकिन मालती नहीं आई, जूही को बहुत गुस्सा आ रहा था की कल तो मैंने उसके घर पर अंकल के जन्मदिन पर इतनी मेहनत से खाना बनाया आज ही मालती बोलकर भी नहीं आई, और यदि नहीं आना था तो फ़ोन तो कर सकती थी की क्यों नहीं आ रही है, लेकिन उसका काम निकल गया तो अब मेरे से उसको क्या मतलब? जूही बहुत गुस्से में थी उसने खाना भी नहीं खाया था, बस बार बार दरवाजे की और ही देख रही थी, रात के ९ बजे थे तभी मालती आई साथ में महेंदी के कौन भी थे, मालती ने देखा जूही बहुत नाराज है, इस पर मालती बोली अरे मैं क्या करती ५ बजे देखा तो महेंदी तैयार नहीं हुई थी, और मेरे को कोई मेहंदी की डिज़ाइन भी समझ नहीं आ रही थी तेरे लिए, फिर मम्मी की तबियत थोड़ी ठीक नहीं लग रही थी तो उन्होंने मेरे से बोला की मालती आज खाना बनाने में मदद कर दे, तो मैंने मम्मी से बोला आप तो आराम करो मैं ही खाना बना दूंगी, तो घर का खाना बनाने लग गई कब ८ बज गए मालूम ही नहीं पड़ा, फिर महेंदी को कौन बनाये और सीधे तेरे पास आ गई, मैं देर से आई इसलिए गुस्सा है क्या तू, जूही ने बोला नहीं मैं तो इसलिए गुस्सा हु की मेरे को मालूम है कि तुझे भिन्डी की सब्जी बहुत पसंद है, तो मैंने आज मम्मी से बनवाई थी, अब तो तू घर से ही खाना खाकर आ गई और मैं भूखी बैठी तेरा इन्तजार कर रही हूँ तो गुस्सा तो आएगा ही ना, इस पर मालती बोली अरे मैंने भी कहा खाना खाया है, पहले तेरे दोनों हाथो में महेंदी बनाउंगी फिर अपने हाथों से तेरे को खाना भी खिलाउंगी और खुद भी खा लुंगी, दोनों हंस हंस के लोटपोट हो गए, जूही सोच रही थी क्यों नहीं में ही जाकर देख लेती की मालती क्यों नहीं आई? फिर पहले मालती ने जूही के हाथों में महेंदी बनाई फिर दोनों ने खाना भी खाया. दोनों के मित्रता देख जूही की मम्मी ने दोनों के सिर पर काजल का काला तिलक लगाया और बोली दोनों की दोस्ती पर किसी की नजर ना लगे.